गाय गोबर से बना लो अपना कंडा...कविता
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक कविता सुना रहे हैं :
गाय गोबर से बना लो अपना कंडा-
गरम कर लो अपना हंडा, जो भी हो तुम्हारा ठंडा-
मन हो जायेगा चंगा, गाय गोरु होते हैं कई रंग-
फिर भी चरते संग-संग नही मानते किसी को बदरंग-
जाते हैं संग-संग आते हैं संग-संग-
उनमे होती ही है अथाह प्रेम-नही करते किसी से खेम-
बछड़ा से करते है सभी प्रेम लूटा देते सभी प्रेम...
