जल जंगल जमीन लूटो और पहले लूटो मातृभाषा...कविता
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी एक कविता सुना रहे हैं :
जल जंगल जमीन लूटो और लूटो पहले मातृभाषा-
देश को कर दो टुकड़े-टुकड़े और घर का भी बंटा-बंटा-
पता चले ना इन्हें यहां क्या हो रहा हमारे सांथ-
व्यापार चलता रहेगा जब, रहेंगे एक पक्ष आदिवासी सांथ-
खतम करो इतिहास यहाँ से, ना रहे आदिवासी नाम-
हिन्दू बनाने का सही तरीका जनगणना में भी करो काम तमाम-
भाषा संस्कृति रीति रिवाज खतम करो जनगणना से...
