बेडा कैसी पार होई रे, जिन्दगी सुधार होई रे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-भरदाकला, जिला-बालोद (छत्तीसगढ़) से भान साहू एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही है:
बेड़ा कैसी पार होई रे जिन्दगी सुधार होई रे-
नहीं ये मजदार म नहीं है खौवया-
झेला ख़तवार सौंपे अपने दिखैया-
और कौनो सवार होई रे-
जाति पाती भाषा म बटे गए सबोजन-
बन गए भाई के दुश्मन-
ये म अब सुधार होई रे-
बेडा कैसी पार होई न...
