आदिवासी लोग अपनी फसलों और स्वयं की रक्षा के लिए धनुष, गुलेल गोटी का उपयोग करते है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-बाकरे, पंचायत-गोरडंड, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से बाबूलाल नेटी गाँव के सुखलाल सोडी और सुनील सोरी से बात कर रहे हैं जो उनको गोंडी और हिंदी में बता रहे हैं वे वनों में जानवरों से अपनी सुरक्षा करने के लिए कुछ विशेष प्रकार के हथियार हमेशा साथ में रखते है जैसे तीर धनुष, गुलेल गोटी और टंगिया, इसका उपयोग वे अपने पूर्वजो के समय से भोजन तलाशने और अपनी सुरक्षा के लिए करते आ रहे हैं | आज के समय में वनों में रहने वाले अदिवासी समुदाय इनका प्रयोग फसलो की सुरक्षा के लिए भी करते हैं जिससे जंगली जानवर उनकी फसल को बर्बाद न कर दे और ये हथियार हर घर में रखा जाता है. बाबूलाल नेटी@7682852502.
