महुआ कर फूल आमा भाजी कन्हैया सुग्घर लागथे रे...लोक गीत
जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) थाना-चंदोरा, ग्राम-देवरी से कैलाश सिंह पोया एक लोक गीत सुना रहे हैं:
महुआ कर फूल आमा भाजी कन्हैया सुगर लागथे रे-
महुआ कर कूची आमा फूल मुनगा कर सुन्दर लगाथे रे-
बादल घडर-घडर घुडकाये मुनगा कर फूल झर जाये रे-
फागुन के महीना फका-फाके महुआ हर हमर गिरथे रे...
