वनांचल स्वर: जमीन पथरीली है तो फसल अच्छी नहीं होती, हम वन पर ही अधिक निर्भर हैं...
ग्राम-हिल्चुर, पंचायत-दमकसा, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से टेमाराम बता रहे है कि वे लोग जंगल के किनारे रहते है और जंगल से महुआ का उत्पादन करते है और उसको बाजार में ले जाकर बेचते है और उससे साबुन, सोडा, दाल चावल खरीदकर अपना जीवन यापन करते है और उसके आलावा चार, बेलवा, तेंदू, लाख भी होता है लाख की कीमत लगभग 100-120 रूपये तक है उनके यहाँ पर चट्टान होने के कारण धान की खेती नहीं कर पाते है उनके यहाँ बारिश के समय सिर्फ एक ही फसल होती है| उसके आलावा कोई दूसरी फसल नहीं होती है और वे लोग ज्यादातर जंगल के ऊपर निर्भर रहते है. बाबूलाल नेटी@9713997981.
