गोटुल में पेड़-पौधे का रक्षण कैसे किया जाता है आदि आने वाले पीढ़ियों को बताया जाता है...
जिला-रायपुर (छत्तीसगढ़) से नर्मदा प्रसाद के साथ में उत्तम जो जिला-गढ़चिरौली महाराष्ट्र के रहने वाले है| वे गोंडी भाषा के इतिहास के बारे में बता रहे हैं कि महाराष्ट्र में अनेक भाषा बोली जाती है जैसे गोंडी, मराठी, छत्तीसगढ़ी, बंगाली, हिंदी लेकिन वे कह रहे हैं की यह जो गोंड समाज है ये ओरल समाज है(मौखिक समाज) उनके गाँव-गाँव में वहां गोटुल होता है जहां गाँव के यूवक यूवतियां आते है और सीखते- सिखाते हैं कि पेड़-पौधे का रक्षण कैसे किया जाता है गीत संगीत के माध्यम से आने वाले पीढ़ियों को भी बताया जाता है-जिससे वे अपने बड़े होकर अपने समाज की सेवा कर सकें और स्वयं एक बेहतर मनुष्य बन सके. नर्मदा प्रसाद@7354620356.
