माँ है तो ममता है, माँ नहीं तो वीरान...माँ पर कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी माँ से सम्बंधित एक कविता सुना रहे है:
माँ है तो ममता है माँ नहीं तो वीरान-
माँ में ममता न होता तो कैसे पलता संतान-
माँ प्रेम की दूकान है माँ ममता खान है-
माँ है तो संसार है नहीं तो सब शमशान है-
माँ का कोई पूजा करता माँ को कोई देता दुतकार-
माँ को जो पूजा करे उसका करता हूँ सत्कार-
जो माँ को माँ न समझे वही दुनिया में सबसे बड़ा बेकार...
