मरघट में राम का गति होही या तन के...गीत -
ग्राम-सरईमल, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से जमुना बाई अहिरवार एक गीत सुना रही हैं :
मरघट में राम का गति होही या तन के – हरे हाड़ चले तोर बन कस लकड़ी – केस चले बन घासा को
सोने जैसी काया जल गए धुवा उदत है अगासा – मरघट में राम का गति होही या तन के...
