धरती सबकी माता है...कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
धरती सबकी माता है – धरती को बलि का बकरा बनने न दो-
धरती को नोचने वाले गिद्दो को-
अपने बाजुओ का ताकत दिखला दो-
डटकर मुकाबला करो धरती के वीर सपूत-
धरती को हलाल होने से पहले-
धरती का भार संभालो अपने कंधो पर...
