माँ तेरे चरणों की धूल मैं कैसे भूलूं....माँ पर गीत -
ग्राम-लोवकरिया, ब्लाक-मिहिंपुरवा, जिला-बहराइच (उत्तरप्रदेश) से केदारनाथ कुशवाह माता पिता के आदर सम्मान के स्वरूप एक गीत सुना रहे है:
माँ तेरे चरणों की धूल मैं कैसे भूलूं-
जब तक मैं जिन्दा रहूँ-
तेरे चरण के धूल मैं सहूँ-
माँ तेरी ममता को-
कैसे मैं धूल कहूँ-
माता पिता की सेवा में हरदम मैं रहूँ...
