देश की माटी देश का जल, हवा देश की देश के फल...कविता -
ग्राम-देवरी, पोस्ट, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
देश की माटी देश का जल, हवा देश की देश के फल – सरस बने प्रभु सरस बने देश की माटी देश का जल – देश के घर और देश के घाट देश के वन और देश के बात – सरल बने प्रभु सरल बने देश में तन और देश के मन – देश के घर में भाई बहन बिमल बने प्रभु बिमल बने...
