सूरज सा चमकूँ मैं चंदा सा चमकूँ मैं...कविता -
ग्राम-कोटपारा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से स्कूल के बच्चे अनिका दुग्गा, जशना कुंजाम, पार्बती कवाची और हरिना नरेटी एक कविता सुना रही है:
सूरज सा चमकूँ मैं चंदा सा चमकूँ मैं-
जगमग-जगमग उज्वल तारो सा चमकूँ मैं-
मेरी अभिलाषा है फूलो से मेह्कुं मैं-
वीरो सा चेह्कुं मैं गुंजन से वह उपवन-
कोयल से कु कु मैं मेरी अभिलाषा है...

