ये अंत नहीं शुरुवात है, ये अंत नहीं शुरुवात है...कविता -
भोरमदेव वनआँचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक कविता सुना रहे है:
ये अंत नहीं शुरुवात है, ये अंत नहीं शुरुवात है-
अपने अधिकार को जानो तुम मोदी सरकार है-
छत्तीसगढ़ के जंगल जल जमीन बचाना है-
और घर-घर गैस सिलेंडर दिलाना है-
गाँव-गाँव में पक्की आवास बनाना है-
बकरी, गाय, मुर्गी में जुड़कर रोजगार को पाना है-
ये अंत नहीं शुरुवात है, ये अंत नहीं शुरुवात है...
