अगर न होता चाँद रात को हमको शीश दिखाता कौन...पर्यावरण गीत -
ग्राम-खोदापाका, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीमा तान्डिया एक गीत सुना रही है:
अगर न होता चाँद रात को हमको शीश दिखाता कौन-
अगर न होता सूरज दिन को सोने सा चमका था कौन-
अगर न होता निर्मल नदियाँ जग का प्यास बुजाता कौन-
अगर न होता पर्वत मीठे झरने भला बहाता कौन-
अगर न होता पेड़ भला फिर हरियाला फैलाता कौन...

