छत्तीसगढ़ का प्रयाग : राजिम की कहानी...
राजिम का प्रचीन नाम कमलक्षेत्र पदमावतीपुरी था वहां पर मंदिरों का समूह है उसे छत्तीसगढ़ का कुम्भ भी कहा जाता है राजिम रायपुर से 45 दूर महानदी संगम स्थल पर स्थित है राजिम का नाम एक महिला के नाम पर पड़ा है प्राचीन मान्यता के अनुसार एक महिला प्रतिदिन उस रास्ते से होकर तेल बेचने जाया करती थी एक दिन अचानक एक शिलाखण्ड से महिला का पैर टकरा गया जिससे सर पर रखी तेल की हांड़ी गिर गई जिस पर वह दुखी होकर रोने लगी तभी तेल की हांड़ी एकाएक भर जाती है, तब से उसका पात्र कभी खाली नही हुवा। इस घटना की जानकारी जा के पास पहुंची जिस पर राजा ने उस जगह की खुदाई कराई जिसमे विष्णु जी की चतुर्भुजी प्रतिमा निकली, इस तरह से इस जगह का नाम राजिम पड़ा| राकेश कुमार@9617339569.

