भरे जिन्दगी जवानी ला गवाए...कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
भरे जिन्दगी जवानी ला गवाए-
आज तक समाज कर भेद नहीं पाए-
बड़े भाग से मनुष्य तन ला पाए-
अपने पुरखा के माने देवी देवता ला बुलाये-
आज देखा दूसरे के रीति रिवाज अपनाये-
होई ले आज हर कुछ बीमारी झेलाए-
जय सेवा मंत्र ला अपनाए-
दुःख पीड़ा सब हर बुलाये...
