भाव बिना बाजार में वस्तु मिले नहीं मोल...प्रेरणादायक पंक्तियाँ -
तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता कुछ प्रेरणादायक पंक्तियाँ सुना रहे है:
भाव बिना बाजार में वस्तु मिले नहीं मोल-
बिना हरी कमजोर भाव सहित हरी बोल-
चिंता से चतुराई घटे और घटे शरीर-
पाप से लक्ष्मी घटे कह गए दास कबीर-
माया मरी न मन मरा और मर-मर गए शरीर-
आशा कृष्णा न मरी कह गए दास कबीर...
