कांग्रेस से आई जनता से आई...लोक कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक लोक कविता सुना रहे है:
कांग्रेस से आई जनता से आई-
लोकदल से आई भंडारा के बदली हो जाई-
समाजवाद बबुवा धीरे-धीरे आई-
रूबल से आई डॉलर से आई-
देशवा के नाने धराई हो-
समाजवाद बबुवा धीरे-धीरे आई...
