उठो साथियों आज चले हम मुक्त कराने देश को...देशभक्ति कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक देशभक्ति कविता सुना रहे है:
उठो साथियों आज चले हम मुक्त कराने देश को-
सदियों से गुलाम आज तक अपने प्यार देश को-
देखो बिगाड़ा टाटा कम्पनी-
देखो बिरला टाटा कहते रोज-रोज का घाटा-
अपने घर की भरे तिजौरी भेजे माल परदेश को-
उठो साथियों आज चले हम मुक्त कराने देश को...
