आपका स्वास्थ्य आपके मोबाईल में : जिमीकंद से बबासीर का इलाज -
भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू जिमीकंद के औषधीय उपयोग के बारे में बता रहे हैं वे बता रहे हैं जिमी कंद दो प्रकार का होता है पहला देशी, दूसरा हाइब्रिड। ये पौधा भुरभुरी कन्हार मिट्टी में जैविक खाद से 10 किलो तक होता है. ये कंद पौधा है यह स्वाद में कसेला और खुजली वाला होता है इसलिए इसमें खट्टा डाल के बनाया जाता है जिन व्यक्तियों को बाधी बवासीर हो, मल करने दर्द होता हो वह जिमीकंद को घी में छौक कर उसे चूर्ण बना लें और सुबह शाम सब्जी के रूप या फाकी मार ले सांथ में अव्यारिष्ट का सिरप भी लेना होता है लगातार एक महीना सेवन करने से इस बीमारी में आराम मिल सकता है |
अधिक जानकारी के लिए इनसे से संपर्क करे अमित साहू@8964931287.
