जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर...गीत -
सरस्वती राणा एक गीत सुना रही हैं :
जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर – कोई मत ख्वाब सजाना तुम – मेरी गली में खुशी खोजते अगर कहीं जो आना तुम – चंदा के बदले हमको रातें मिली है काली – मौताज हो न जाए आकाश जैसा दानी – जब तक सूरज नहीं उगा लें चंदा को न वापस पा ले – टिकली नहीं लगाना तुम मेरी गली में खुशी खोजते अगर कहीं जो आना तुम...
