सच है विपत्ति जब आती है...कविता -
ग्राम-गंजेनार, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से सादर भास्कर और चयन मरकाम एक कविता सुना रहे है:
सच है विपत्ति जब आती है-
कायर को ही दहलाती है-
सूरमा नही विचलित होते-
क्षण एक नहीं धीरज खोते-
विघ्नों को गले लगाते हैं – काटो में राह बनाते हैं...
