गेंदा हजारी के फूलवा हो मोहे निको न लागय...विवाह गीत
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक विवाह गीत सुना रही हैं :
गेंदा हजारी के फूलवा हो मोहे निको न लागय-
मायके के निको लागे बाग़ बगीचा-
ससुरे के भरी फूल बगिया हो मोहे निको न लागय-
मायके के निको लागे टुटही झोपडिया-
ससुरे की महल अटरिया हो मोहे निको न लागय-
मायके के निको लागे भैया भतिजवा-
ससुरे के छोटे देवरवा हो मोहे निको न लागय...
