किसान स्वर: मैंने रासायनिक खाद डाला, फसल बढ़ी पर ज़मीन कड़ी हो गयी फिर कभी नहीं डाला...
ग्राम पंचायत-गदापाल, जिला-दन्तेवाड़ा, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट गाँव के पूर्व सरपंच लिंगाराम मंडावी के साथ में हैं ये बता रहे हैं कि ये 15 साल से सरपंची कर रहे है अभी इनकी पत्नी सरपंच हैं इसके साथ ही ये 17 एकड़ की भूमि में खेती का काम भी करते हैं जिसमे पूरे परिवार का जीवन यापन होता हैं इनके पास 80 बकरे हैं इसके गोबर और गाय के गोबर को मिलाकर खाद के लिए उपयोग करते हैं इनका कहना है कि ये बाजार में आने वाले रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते क्योंकि इससे फसल तेजी से तो बढ़ती है लेकिन बाद में भूमि कड़ी हो जाती है जिससे फसल अच्छे से नहीं होता और तरह तरह की बीमारी भी होती है इसलिए प्राकृतिक खाद से खेती करना ही बेहतर समझते हैं. केवट@8225027272

