गाय हमारी माता है सभी कहते...
गाय हमारी माता है सभी कहते
तो सांड हमारा पिताश्री है क्यों नहीं कहते
गाय में ५६ कोटि देवता होते
गाय को बूचडखाने ले जाया जाता
सैकड़ों गायों को एक साथ क़त्ल किया जाता
एक भी देवता नहीं कहते
मेरे घर को क्यों नष्ट करते हो
एक गाय से एक देवता निकलते
तो सौ देवता हो जाते
गाय को क़त्ल करने वाले के सामने
हाथ जोड़ कर कहते
कसाइयो हमारे मकान को ध्वस्त मत करो
हमें पहले कहीं बसाओ
कसाइयो को समझ में आता
मैं सही में पाप कर रहा हूं
गाय क़त्ल करके ५६ कोटि घर उजाड रहा हूं
लेकिन देवता कसाइयों से ऐसा नहीं कहते
क्या सही में देवता होते
या जनता को धोखे में रखते
पाप पुन्य का लेखा जोखा कहाँ मिलेगा
कोइ तो बताओ
सच कहाँ मिलेगा
