चितावर में वो चिरई बोले, मन के कलप-ना ला नई खोले...छत्तीसगढ़ी ददरिया गीत
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से नर्मदा प्रसाद छत्तीसगढ़ी ददरिया गीत सुना रहे हैं:
चितावर में वो चिरई बोले-
मन के कलप-ना ला नई खोले-
तोला कोन बन मा-
तोला कोन बन मा खोजेंव मोर मैना-मंजूर-
जोड़ी मोला, जोड़ी मोला तार लेबे रे दोस्त-
जोड़ी मोला तार लेबे रे दोस्त-
तोर घर गियेंव मैं कूटत रहे धान-
मोर जिंवरा तरसगे पीपर कस पान-
तोर घर गियेंव मैं कूटत रहे धान-
मोर जिंवरा तरसगे पीपर कस पान-
चितावर में वो चिरई बोले-
मन के कलप-ना ला नई खोले-
तोला कोन बन मा-
तोला कोन बन मा खोजेंव मोर मैना-मंजूर-
जोड़ी मोला, जोड़ी मोला तार लेबे रे दोस्त-
जोड़ी मोला तार लेबे रे दोस्त...
