आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : कृमि तथा बवासीर का घरेलू इलाज
ग्राम-रौचंद, विकासखंड-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू आज हमारे आसपास पाए जाने वाले गुमा के पौधे के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे हैं। वे बताते हैं कि गुमा 1 से 3 फुट का छोटा सा पौधा होता है और यह हमारे गाँवों के खेत अथवा झाड़ियों में आसानी से देखने को मिलता है जिसमें छोटे-छोटे गाँठ जैसे गुच्छेदार फल लगते हैं, इसके फल के चारो तरफ सफ़ेद फूल लगे होते हैं और ऊपर में दो छोटी पत्तियां होती है|इसके पत्तियों की सब्जी बना कर खाने से पेट में होने वाले कृमि और खूनी तथा बादी दोनों प्रकार के बवासीर से आराम मिलता है | हमारे आसपास ऐसी अनेक वनस्पतियां है जिनके बारे में जानकार हम अपना घरेलू उपचार कर सकते हैं | अधिक जानकारी के लिए अमित साहू@8964931287.
