सूरज की किरणे आती है, सारी कलियाँ खिल जाती है...कविता
ग्राम-पाली, जिला-रीवा (म.प्र.) से शिवकुमार द्विवेदी एक कविता सुना रहे है:
सूरज की किरणे आती है सारी कलियाँ खिल जाती है-
अंधकार सब खो जाता है सब जग सुन्दर हो जाता है-
चिड़िया गाती है मिलजुलकर बहते उनके मीठे स्वर-
ठंडी-ठंडी हवा सुहानी चलती है जैसे मस्तानी-
नयी ताजगी नयी कहानी नया जोश पाते है प्राणी-
सुबह गर्मी लगती है जिनको मेहनत प्यारी लगती उनको-
मेहनत सबसे अच्छा गुण आलस बहुत बड़ा दुर्गुण है...
