चाहे जितना चाहे भीगो पहली पड़ी फुहार है...कविता -
ग्राम-पाली, पोस्ट-जामु, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार द्विवेदी एक कविता सुना रहे हैं:
चाहे जितना भीगो पहली पड़ी फुहार है-
बड़े दूर से थके-थके ये प्यारे बदल आये है-
झूम उठेगी सारी दुनिया इतनी मस्ती लाये है-
कभी नगाड़े से बजती है कभी चमकती है बिजली-
गोरी-गोरी नदियों में जब देय चमकती है उजड़ी-
जहाँ-जहाँ तक नजरे जाती पानी का संसार है...
