घड़ी सुबह 5 बजकर बोली जागो-जागो...कविता -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
घड़ी सुबह 5 बजकर बोली जागो-जागो-
दुनिया जागी खुद से बोली भागो-भागो-
बस्तर से उठकर दुनिया ने देखा घना अँधेरा-
यह कैसा अँधेरा है भाई जब हो चुका सवेरा-
दुनिया बाहर आई देखा आसमान पर बादल-
अँधेरा बनकर रहता चल रही मानों होकर पागल-
जोर-जोर से पेड़ हिल रहे खड़-खड़ करते पत्ते...
