सुना-सुना-सुना तो भाई मान सुना...सादरी भाषा में आदिवासी जागृति गीत-
ग्राम-मलिडीही, ब्लाक-राजगंगापुर, जिला-सुन्दरगढ़, उड़ीसा से महेश कुजूर बता रहे हैं कि हम आदिवासी पहाड़, जंगल, पर्वत में रहते है | हमको हमारे हक अधिकारी को जानना है और हम आदिवासी है इसलिए लोग हमे नीचा समझते है और जितना भी रोजगार करके पैसे कमाते है उसको नशा पान में ख़तम कर देते है | जिसके कारण हमारा आदिवासी समाज डूब रहा है |सादरी भाषा में गीत के माध्यम से बता रहे हैं:
सुना-सुनो-सुना तो भाई मान सुना-
सुना बहिन मान सुना-
हमर समाज डूबियो जाथे धीरे-धीरे-
अब हम असवर जाये जमीन भिलाये – जमीन बेचीया दे थाय-
कुपा धरी आय जे काम धीरे-धीरे...
