मोर दिल मा घुसर के रे बैरी, तै मोर करेजा ला काटे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-दमदम, पोस्ट-कोटमी, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पोर्ते एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर दिल मा घुसर के रे बैरी, तै मोर करेजा ला काटे-
मोर नाम ला बदनाम करके कोन दुनिया मा भागे ओ-
कोन संझा और कोन बिहनिया दरिया मा मोला भुलाए ओ-
संग मा जीबो मरबो कहके आनी बानी के किरिया तै खवाए ओ-
मोर माया के उलहत बिरवा ला तै तेज धार हथोडा से काटे ओ-
मंगनी करा के बिहा रचा के मोर अंगना मा आहे ओ...
