जमाना बदला, तकनीकी बदली, तरीके बदले...कविता
ग्राम-अंजनी, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से सग्गन शाह मरकाम एक कविता सुना रहे है :
जमाना बदला तकनीकी बदली तरीके बदले-
हमलावरो ने भी अपनी-अपनी सलीके बदले-
भारत युद्ध का मैदान नहीं बाजार बन गया-
व्यापारी लुटेरो की शोषण का शिकार बन गया-
पूंजी ने ऐसा दिखाया कमाल-
हमारे लोगो के बीच पैदा हो गए लुटेरो के हजारो दलाल...
