भात इकाई भात, भात इकाई भात, भात दुनु दाल...चावल पर कविता -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है :
भात इकाई भात, भात इकाई भात, भात दुनु दाल-
भात तिया तरकारी, भात चौका चटनी-
भात पचे पापड़, भात छके छाच-
भात सते सतुआ, भात अठे आचार-
भात नवा निमकी, भात दहाई दही-
और सब भोजन सही...

