खत-खाता पैसा जोड़े मांहग दियो कारे, केतनो करब काम पेट नहीं भरे मोर संगी रे...गीत
ग्राम-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी खेतिहर मजदूरों को लेकर सरगुजिहा भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
खत-खाता पैसा जोड़े मांहग दियो कारे-
केतनो करब काम पेट नहीं भरे
मोर संगी रे-
मोर भैया रे-
जुछा घर केतका जोड़े करे-
बहु के दाई कहे चाउर नहीं का घरे...
