पृथ्वी दिवस: ऐसे ही छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा...
पृथ्वी दिवस १९७० में पहली बार मनाया गया था, इसका उद्देश्य लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था | पृथ्वी पर अक्सर उत्तरी ध्रुव पर कई किलोमीटर तक बर्फ पिघलने से सूर्य की पराबेगनी किरणों को रोकना वाली ओजोन परत में छेद होना सुनामी जैसे भयंकर प्राकृतिक आपदा होना इन सभी के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है, अगर ऐसे ही पृथ्वी के साथ छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा | पृथ्वी दिवस मात्र मनाने का दिन नही है बल्कि यह दिन चिन्तन मनन का है कि कैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचा जाए और पर्यावरण को कैसे बचाया जाए ताकि हम स्वस्थ रह सके तथा आने वाली पीढ़ी भी सुरक्षित रह सके. सुनील कुमार@9308571702
