ऐ हो विधाता कईसन रचेला नसीब के...भक्ति गीत
ग्राम-अमृतपुर, तहसील-नानपारा, जिला-बहराइच (उत्तरप्रदेश) से केदारनाथ कुशवाहा एक भक्ति गीत सुना रहे है :
ऐ हो विधाता कईसन रचेला नसीब के-
अँखियाँ में लोर भरला हरदम गरीब के-
केकरा से कही भगवन दिलवा के बात हो-
देखवे में काटे कटे सुन दिन-रात हो-
केहू नहीं जानत-बूझे ये दुनिया अजीब के-
केहू नहीं बूझे भगवन दिल के मजबूरी-
आशही बीते दिनवा करत जी-हजूरी-
रउवे बताई अब हम कहाँ जाईं-
कह शिवम्-अंकित अब लजिया बचाई-
ए हो विधाता कईसन रचेला नसीब के...
