मुझे मत रोको, मुझे जाने दो...कविता
ग्राम तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
मुझे मत रोको, मुझे जाने दो-
पल दो पल का साथ तुम्हारा-
यारो के लिए मै, यार हु-
दुश्मनों के लिए दो धारी तलवार-
हर सिखा को पार कर जाऊंगा-
मरुस्थल में पानी ले आऊंगा-
चाँद, सूरज को धरती पर उतार लाऊंगा-
बंजर भूमि पर सोना उंगाऊंगा-
धरती के सिने को चीरकर-
सुनहरे बालो से धरती को लह-लहलहाउंगा...
