पंचायत में सब मिलजुलकर यह सोचे...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
पंचायत में सब मिलजुलकर यह सोचे-
जानकारियां गाँव-गाँव तक कैसे पहुंचे-
पुस्तक में सब सार लिखे है-
हम सब के अधिकार लिखे है-
इसमें सब कानून लिखे है-
इसमें सब मजबून लिखे है-
वन से जल और जल से प्राण-
समझे कुदरत का विज्ञान...
