भूख के साथ इन्टरनेट फ्री है...गणतंत्र दिवस पर कविता
कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे है:
फ्री इंडिया रिपब्लिक इंडिया-
भूख के साथ इन्टरनेट फ्री है-
मौत पर एंड्राइड मोबाईल फ्री है-
कैशलेश जमाने में...
बेरोजगारों के लिए दारू फ्री है-
किसानों के लिए हनीमून फ्री है-
स्वच्छ भारत में...
इंसानी मौत पर मुआवजा फ्री है-
जानवरों के लिए सुल्तान फ्री है-
साक्षरता के साथ ....
स्कूलों में भैस फ्री है-
बच्चों के लिए गोबर टैक्स फ्री है-
समानता के दौर में....
महिलाओं के लिए अंग प्रदर्शन फ्री है-
नेताओं के लिए चकला घर फ्री है-
मुक्त भारत में...
अय्यासी के लिए निरोध फ्री है-
सौदे के लिए काला कोट फ्री है
प्रगतिशील भारत में ...
दलाली के लिए पटवारी फ्री है-
प्रधान के लिए घोटाला फ्री है-
विकसित भारत में...
हिन्दू-मुस्लिम का व्यापार फ्री है-
बिक्री के लिए सेना का जवान फ्री है-
गणतंत्र पर...
लोकतान्त्रिक अपराध फ्री है-
लोकतान्त्रिक अपराध फ्री है...
