आदिवासी समाज में जनवरी में भी दीवाली का त्यौहार मनाया जा रहा है : एक भीली दीवाली गीत...
हिन्दू धर्म के अनुसार दीवाली तो एक ही दिन अक्टूबर-नवम्बर माह में मनाई जाती है पर आदिवासी समाज में दीवाली की कोई निश्चित तिथि नहीं होती । हर गाँव में लोग मिलजुल कर यह तय करते हैं कि उनके गाँव में दीवाली कब मनाई जाएगी । वे आसपास के गाँव के लोगों को भी अपनी दीवाली में साथ बुलाते हैं इसलिए इन गाँवों में जनवरी-फरवरी माह तक दीवाली का त्यौहार चलता रहता है । ग्राम-साकडी, तहसील-सोंडवा, जिला-अलीराजपुर (मध्यप्रदेश) की दीवाली में भुवन सिंह चौंगड के साथ में केलता दादा एक भीली गीत सुना रहे है. वे बता रहे हैं कि
पूरे गाँव के लोगों द्वारा सामूहिक रूप से तय कर अपने रीति-रिवाज के साथ बड़े धूमधाम के साथ पारम्परिक रूप से दीवाली यहां मनाया जाता है| भुवन@9174623789
