लोक लकड़ी लोकर कोटा करकया गादे मना देरो लकड़ी...लकड़ी गीत
ग्राम-धूमाडांड,पोस्ट गोविंदपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गीता टेकाम एक लकड़ी गीत सुना रही है आदिवासी समाज में जब लकड़ी खेलते है तब यह गीत गाया जाता है:
लोक लकड़ी लोकर कोटा करकया गादे मना देरो लकड़ी-
उदुम झुरी उदुम झुरी कव्वा लरे झुरी-
आग बरता दुवा दिगता लकड़ी-
कोर कोयना-कोर कोयना मजूर तोड़ेंना-
पहाड़ उपर तितिर बोले धुर ऊड़ेंना लकड़ी-
नदी धरी चही गोटी प्रति बिछ-बिछखाए-
रजा हेकोऊ सुंदर बेटी पति पड़े जाए-
लोक लकड़ी लोकर कोटा करकया गादे मना देरो लकड़ी...
