अंग्रेज बनकर कुर्सी पर : एक कविता
62 साल पहले सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों को मार भगाया
किसानों को ज़मींदारों से मुक्ति दिलाया
आज हमारे देश के नेता अंग्रेज बनकर कुर्सी पर बैठ गया
देश में ठेकेदारी लाया, स्पेशल इकोनोमिक ज़ोन लाया
छतीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा क़ानून लाया
मज़दूर कर्मचारियों को रुलाया
छुट्टी पेंशन ग्रेच्युटी खाया
किसानों का विस्थापन कराया
ऐ खून पीने वाले भेडिया
मत ललकारो इंसानों को
मत तडपाओ मेहनत करने वाले इंसानों को
जिस दिन जनता जाग जाएगी
तुमको मसलकर पीसा डालेगी
सौ में पांच ही तो हो
तुमको कुचलकर दफना डालेगी
