आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : आलू के औषधीय गुण
पारंपरिक तौर पर आलू का इस्तेमाल वनवासी अनेक फार्मूलो में सदियों से करते चले आ रहे है मध्यप्रदेश के पातालकोट घाटी की बात हो या गुजरात के डांग जिले की आलू को सब्जी के आलावा कई तरह के हर्बल नुस्खो में आजमाया जाता है मध्यम आकार के आलू का रस तैयार किया जाए और एक गिलास मात्रा में रस प्रतिदिन सबेरे लिया जाए तो पाचन तंत्र व्यवस्थित हो जाता है इस रस के सेवन से एसीडीटी नियंत्रण में बहुत फायदा होता है वनवासियों की मान्यता के अनुसार यह रस पेट के छालो के लिए भी बहुत कारगर है जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर हो उनके लिए डांग गुजरात के हर्बल जानकार एक खास नुस्खा तैयार करते है रोगियों को उबले आलुओ का सेवन करने की सलाह देते है और नई रिसर्च बताती है कि आलू में पोटेशियम पाया जाता है और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाने के लिए बहुत कारगर रसायन है| जिन लोगो को वजन कम करना है उनके लिए भी आलू बड़ा खास है उबले आलूओ को नमक छिडक दे और उस व्यक्ति को दे जो वजन कम करना चाहता है| वनवासियों के अनुसार ये बात गलत है कि लोग जो सोचते है कि आलू मोटापा बढ़ाने में एक प्रमुख अंग है| लेकिन ऐसा नहीं होता मोटापा आलू की वजह से बढ़ता है बल्कि आलू को तलने या भूंजने के लिए जो तेल इस्तेमाल में लाया जाता है उससे वजन बढ़ता है उबला हुआ आलू वैसे भी खूब सारे कैलोरी को लिए नहीं होता है तो इसे उबालकर खाए वजन कम होगा जिनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो गई हो उन्हें भी आलू खाना चाहिए| उबले आलू हो या कच्चे आलू हो यदि कच्चे आलू हो तो उसे कुचलकर उसका रस बनाकर ले उबले आलू को नमक डालकर या सेंधा नमक डालकर जरुर खाए ये पोषक तत्वों की कमी दूर करने में बड़े कारगर है ताजे आलूओ को कुचलकर पेस्ट बनाया जाए और इन्हें घाव और जले हुए अंगो और जलन करने वाले छालो पर लगाए तुरंत राहत मिलेगी और इसी तरह जिन्हें नींद नहीं आने की शिकायत हो उन्हें उबले आलू खाने चाहिए उबले आलू के अम्लो के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और पेट में जो अम्ल है उनके स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है अक्सर अम्ल याने एसिड बढ़ जाए तो नींद अनियांत्रित हो जाती है ऐसे में उबला आलू बड़ा कारगर होता है|
