गंगा समझ नही पाए, गंगा में दौड़ लगाए...गीत
ग्राम देवरी जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश पोया दूर दराज गंगा स्नान करने जाने वाले लोगो के सन्दर्भ में एक गीत सुना रहे हैं:
गंगा समझ नही पाए, गंगा में दौड़ लगाए-
सुना बहन भाई...
गंगा समझ नही पाए, गंगा में दौड़ लगाए-
सुना बहन भाई...
हमर गंगा निर्मल है, नदी नाला कुवा नरवा बही जाई-
गंगा समझ नही पाए, गंगा में दौड़ लगाए-
सुना बहन भाई....
