इस समाज इस देश इस दुनिया के लिए...शिक्षा पर कविता
जिला-गिरडीह (झारखंड) से वी.के.वर्मा शिक्षा पर आधारित एक कविता सुना रहे हैं :
इस समाज इस देश इस दुनिया के लिए-
बोझ नही खुद रोज बनो तुम-
आपको चाहे पर कोई ऐसा एक रोज़ बनो तुम-
लोग सोच नही सकते आपकी क्षमता को-
लोग समझ नही सकते आपकी शक्ति को-
एक एसा अफ्सोज बनो तुम-
लोगो को अन्धकार से प्रकाश की...
