माँ की गोद पिता का आश्रय, मेरा मध्यप्रदेश है...राज्य गीत
मोहन मरावी,ग्राम-छतरपुर,पोस्ट-गजराज,विकासखण्ड-घुघरी,जिला-मंडला मध्यप्रदेश से एक मध्यप्रदेश गीत सुना रहे हैं:
सुख का दाता सबका साथी,सुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोद पिता का आश्रय,मेरा मध्यप्रदेश है-
विन्ध्याचल सा भाल नर्मदा जल जिसके पास है-
यहाँ ज्ञान-विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास है-
उर्वर भूमि सघन वन रत्न संपदा जहां अश्वेत है-
सुर सौरभ सुषमा से मण्डित मेरा मध्यप्रदेश है-
सुख का दाता सबका साथी,शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोद पिता का आश्रय,मेरा मध्यप्रदेश है-
चम्बल की कल-कल से गुंजित कथा ताल बलिदान की-
खुजराहो में कथा कला की चित्रकूट में राम की-
भीमबैठका आदिकला का पत्थर पर अभिषेक है-
अमृत कुण्ड अमरकंटक में ऐसा मध्यप्रदेश है-
छिप्रा में अमृत घट का मिला कृष्ण को ज्ञान यहाँ-
महाकाल को तिलक लगाने मिला हमें वरदान यहाँ-
कविता न्याय वीरता गायन सबकुछ यहाँ विशेष है-
ह्रदय देश का यह मेरा मध्यप्रदेश है-
सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोद पिता का आश्रय,मेरा मध्यप्रदेश है...
