ओऐ ..ते ना मोर नाना रे ..तेना मोर नाना रे...गोंडी हुलकी गीत
ग्राम-सिवनी, जिला-कांकेर, छत्तीसगढ़ से मनकेर मतलामी एक गोंडी गीत सुना रहे हैं, यह हुलकी गीत है, इसे दीपावली त्यौहार के पहले गाया जाता है :
ओऐ..ते ना मोर नाना रे ..तेना मोर नाना रे-
ओंऐ..ते ना मोर नाना रे ..तेना मोर नाना रे-
होय नाना गोय संदेनर..तेना मोर नाना रे-
होय ,जप्लेके लुगरा अमर देबे ,देबे गोर संदेनर-
जप्लेके लुगरा अमर देबे,होय तेन काहां जाबे-
तेकर जाबे जाबे गोर संदेनर-
होय दस दिन के दसरा अमरेस अमरेस गोय-
संदेनर संदेनर, होय दसेरा देखेला जाबो जाबो गोय संदेनर-
तोय लुगरा अमर देबो देबो अमर लुगरा गोय संदेनर संदेनर-
होय देटो के सुतीय तो देबे देबे गोय संदेनर संदेनर-
होय तै काहा जाबे,होय तै काहा जाबे-
टेकर जाबे जाबे गोय संदेनर जेस् दिन के देवा रे-
अमरेस,अमरेस गोय संदेनर...
