भगवान की याद के साथ साथ अपना काम करते रहना भी जरूरी है...बिहार से प्रेरक कहानी
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कहानी सुना रहे हैं | इस कहानी का शीर्षक “भगवान की याद” है । बहुत समय पहले की बात है जब उत्तर बिहार के लोग राजधानी या दक्षिण बिहार जाने के लिए नाव के सहारे गंगा पार कर आते थे | एक बार की बात है जब आंधी तूफान आया और नाव बुरी तरह डोलने लगा और अपने गन्तव्य से विपरीत दिशा में भी जाने लगा । सभी लोग डर गये और उस नाव चलाने वाले भी भगवान को याद करने लगे |तभी मुख्य नाविक आया और उसने कहा कि भगवान को याद करते हुए अपना परिश्रम भी जारी रखो जरुर ही सफलता मिलेगा तो सभी नाविकों ने फिर कार्य करना चालू कर दिया तब वह नाव धीरे-धीरे खतरे से उबर गया । सुनील कुमार@9308571702
